🌸पित्ताशय की पत्थरी से बचने या निकालने के लिए घरेलु उपचार।
🌺 (पित्त –Gall Bladder Stone)🌸
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पित्ताशय हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग होताहै जो लीवर के निचले सतह से जुडी रहने वाली, नाशपाती के आकार की 10 सेमी लम्बी व 3 से 5 सेमी चौडी एक थैली होती है जिसे पित्ताशय व पित्त की थैली कहते है । इसका कार्य पित्त को संग्रहित करना तथा भोजन के बाद पित्त नलीके माध्यम से छोटी आंत में पित्त का स्त्रावकरना है। पित्त रस वसा के अवशोषण में मदद करता है। पित्त की थैली में दो तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती है एक पित्ताशय का फूलना या इन्फ्लेमेशन(INFLAMATION), जिसे कोलीस्टासिस(CHOLESTASIS)कहते है और दूसरी पित्त पत्थरी(GALLBLADDER STONE)के नाम से जाना जाता है ।

जब इस पित्त में कोलेस्ट्रोल और बिल रुबिन की मात्रा बढ़ जाती हैं तो पत्थरी निर्माण केलिए एक आदर्श स्थिति बन जाती हैं।

तो आइये जानते हैं कैसे हम इस से बच सकते हैं और अगर हो गयी हैं तो कैसे मुक्ति पा सकते हैं।

🔴पित्त पथरी के लक्षणः-
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जब तक पत्थरी पित्ताशय में पड़ी रहती है, तब तक विशेष लक्षण प्रकट नहीं होते, परन्तु जब पत्थरी अपने स्थान से सरक कर पित्त स्त्रोत में आकर अटक जाती है तो असहनीय पीड़ा होती है खासकर पित्त पत्थरी की पीड़ा रात्रि के समय विशेषतः होती है, यह दर्द रूक रूककर होता है जिसमें रोगी छटपटा जाता है ।

यह शुरूआत में बारीक कंकड़ की तरह होती है लेकिन बाद में इसपर परत दर परत चढ़ती जाती है और यह बड़ा रूप ले लेती है । इन्फ्लेमेशन के कारण भी पत्थरी की शिकायत हो सकती है, पुरूषो के मुकाबले महिलाओं को पित्त पथरी की शिकायत ज्यादा रहती है खासकर मोटे लोगो में ।

इसके अतिरिक्त अपचन, गैस,कब्िजयत,मिचली,वमन प्रतीत होना, चिकानाई युक्त चीजों का न पचना, चक्कर आना, कमर व पेट में दर्द व ऐंठन होना, खून की कमी, पीलिया , बवासीर, वेरिकन्स वेन्स,सुक्ष्म रक्त वाहिनियों मे टूट फूट आदि लक्षण भी पित्ताशय की गड़बड़ी के कारण हो सकते हैं ।

🔴पित्त पथरी के कारणः-
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पित्ताशय की पथरी का मुख्य कारण है पाचन क्रिया में होनें वाली दिक्कते,जो खानें में कार्बोहाइड्रेट लेने से होती है, वात बढ़ाने वाला व वसा युक्त आहार पित्त पथरी केदर्द व ऐंठन का कारण बन जाता है । कच्चे चावल,मिटृी,बत्ती चोक खानें के कारण,अत्यधिकठोस व गरिष्ठ आहार के सेवन से यह पथरी होने की सम्भावना बढ़ जाती है । इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य का ठीक न होना,गलत मुद्रा के सोनाया बैठना, मॉेसपेशियों में तनाव आदि समस्याए पित्त पथरी के लिए जिम्मेदार हो सकती है।

🔴बचाव के उपायः-
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⚫पित्ताशय की थोड़ी सी भी गड़बड़ी होने पर खानपान को सही रखना बेहद जरूरी होता है । पित्ताशय में यदि बहुत अधिक इन्फ्लेमेशन हैतो मरीज को दो या तीन दिन तक उपवास करना चाहिए । जब तक वह समस्या खत्म न हो जाए । इस समय सिर्फ पानी (उबालकर ठण्डा किया हुआ),चकोतरा, नींबू, सन्तरा, अंगूर, गाजर, चुकन्दरका जूस व मूली का जूस पीना चाहीए । दही, कॅाटेज चीज़ और एक चम्मच अॉलिव आॅयल (जैतून तेल) भी दिन में दो बार लें , इन्द्रजौ मिठा 10 ग्राम और हरी ईलाइची 10 ग्राम एक सफेद सूती कपड़े में पोटली बनाकर पीने वाले पानी ( लगभग 4 लीटर) में डाल के रखें ,जब भी प्यास लगें तो उसी पानी को पियें, यह रोज़ करें तथा हर 5 दिन बाद पोटली बदल लेवें।

🔴पित्त की थैली की पथरी का साइज अधिक बड़ा हो जाने से फिर केवल आपरेशन कराने का रास्ता हीबचता है । गुर्दे की पथरी चाहे जितनी बड़ी होगयी हो आपरेशन कराने से बचना चाहिये और पथरीका इलाज होम्योपैथिक अथवा आयुर्वेदिक तरीके से कराना चाहिये ।

🔴पित्त की थैली की पथरी यदि 7 मिलीमीटर तक हैतो किसी नजदीक के expert आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक चिकित्सक से इलाज करायें । लम्बे समय तक इलाज कराने और परहेज करने से पथरी धीरे धीरे melt होकर गल जाती है अथवा अनुकूल साइज आ जाने पर CBD से निकल जाती है। यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि CBD नलिका का आन्तरिक साइज 6.5 मिलीमीटर से लेकर 7.5 मिलीमीटर तक ही औसतन होता है । किसी किसी रोगी में CBD का आन्तरिक साइज कुछ घट या कुछ बढ जाता है । इसकी माप करने कासबसे बेहतर तरीकाUtrasound examinationद्वारा ही सम्भव है ।

🔴यदि पित्त की थैली की पथरी यदि 7 मिलीमीटर से कम हैं तो किसी नजदीक के expert आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक चिकित्सक की देख रेख में ये प्रयोग करे, ये बेहद सफल प्रयोग हैं।

🔴प्रयोग इस प्रकार हैं🔴
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🐾ये प्रयोग तभी करना हैं जब आपकी पत्थरी का आकार आपकीCBDनलिका से कम हो। और ये उपचारकरते समय किसी नज़दीकी आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक डॉक्टर की देख रेख ज़रूरी हैं।

🐾पहले 5 दिन रोजाना 4 ग्लास एप्पल जूस (डिब्बे वाला नहीं) और 4 या 5 सेव खायें …..

🐾छटे दिन डिनर नां लें ….इस छटे दिन शाम 6 बजे एक चम्मच ”सेधा नमक” ( मैग्नेश्यिम सल्फेट ) 1 ग्लास गर्म पानी के साथ लें …

🐾शाम 8 बजे फिर एक बार एक चम्मच ” सेंधा नमक ”( मैग्नेश्यिम सल्फेट ) 1 ग्लास गर्म पानी के साथ लें …

🐾रात 10 बजे आधा कप जैतून ( Olive ) या तिल (sesame) का तेल – आधा कप ताजा नीम्बू रस में अच्छे से मिला कर पीयें …..

🐾सुबह स्टूल में आपको हरे रंग के पत्थर मिलेंगे …

🔴नोट: पालक, टमाटर, चुकंदर, भिंडी का सेवन न करें।

🌸हम अगर अपने नियमित भोजन में कुछ ऐसे जूस शामिल करे तो हम पित्त की पत्थरी की शिकायत होने की सम्भावना से बच सकते हैं। 🌸

⚫आइये जाने कौन से हैं ये जूस।प्राकृतिक तरीकों से बचे पित्त की पथरी से

▶1. चुकंदर, नाशपाती और सेब का जूस
इन रसों के द्वारा पथरी का प्राकृतिक तरीके से प्रभावी उपचार किया जा सकता है। विभिन्न रस जैसे चुकंदर का रस, नाशपाती का रस और सेब का रस लीवर को स्वच्छ करते हैं। पथरी बनने से रोकने के लिए इन तीनों रसों के मिश्रण कासेवन करें।

▶2. ऐप्पल सीडर विनेगर
ऐप्पल सीडर विनेगर की अम्लीय प्रकृति लीवर को कोलेस्ट्राल बनाने से रोकती है जो अधिकाँश पथरियों का कारण होता है। यह पथरी को विघटित करने तथा दर्द को समाप्त करने मेंसहायक होता है।

▶3. नीबू का रस
नीबू का रस या खट्टे फलों का रस पित्ताशय में कोलेस्ट्राल को जमा होने से रोकता है तथा इस प्रकार पथरी बनने से बचाव करता है। दिन में तीन बार नीबू का रस लें।

▶4. विटामिन सी जूस
विटामिन सी शरीर के कोलेस्ट्राल को पित्त अम्ल में परिवर्तित करती है जो पथरी को विघटित करता है। आप विटामिन सी संपूरक ले सकते हैं या ऐसे फलों का जूस पी सकते हैं जिनमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में हो जैसे संतरा, टमाटर आदि। पथरी के दर्द के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है।

▶5. पुदीना जूस
पुदीना यह पित्त तथा अन्य पाचक रसों के प्रवाह को उत्तेजित करता है। इसमें टेरपिन नामक यौगिक पाया जाता है जो प्रभावी रूप से पथरी को विघटित करता है। आप पुदीना पीस कर उसका जूस बनाकर पी सकते हैं या फिर पुदीने की पत्तियों को उबालकर पिपरमेंट टी भी बना सकते हैं। पथरी एक लिए यह एक प्रभावी घरेलू उपचार है।

▶6. गाजर और ककड़ी का जूस
अगर आपको पित्ती की पथरी की समस्या है तो गाजर और ककड़ी का रस प्रत्येक 100 मिलिलिटर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पीयें। इस समस्या में ये अत्यन्त लाभदायक घरेलू नुस्खा माना जाता है।

▶7. हल्दी
पथरी के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है। यहएंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेट्री होती है। हल्दी पित्त, पित्त यौगिकों और पथरी को आसानी से विघटित कर देती है। ऐसा माना जाता है कि एक चम्मच हल्दी लेने से लगभग 80 प्रतिशत पथरी खत्म हो जाती हैं।
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⚫😊शुभ रात्रि दोस्तों⚫😊
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