प्यार की ये कहानी सुनो…जब बीवी ने पाई-पाई जोड़कर पूरी की पति की ख्वाहिश

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कौन कहता है कि आज के समय में सच्चा प्यार नहीं होता. आज के समय में भी लोगों को सच्चा प्यार होता है और इस जोड़े का प्यार तो वाकई एक मिसाल है.

पति के दिल में एक दबी हुई ख्वाहिश थी कि वो भी कभी हार्ले डेविडसन आयरन 883 चलाए. पर हार्ले डेविडसन खरीद पाना इतना आसान तो है नहीं जो बाजार गए और खरीद लाए. ऐसे में पति ने अपनी इस ख्वाहिश को दिल के एक कोने में ही सहेज लिया.

इस कहानी की शुरुआत हुई थी साल 2012 में. जब गौरव सेठी और अखिली मत्ता एक पार्टी में मौजूद थे. अखिली को गौरव के कपड़ों की अलमारी से एक नोट मिला. जिसमें लिखा था ’25 अगस्त 2012: सीएस गौरव सेठी’ और ’11 दिसंबर 2015: हार्ले डेविडसन आयरन 883.

उस समय गौरव और अखिली गर्लफ्रेंड-ब्वॉयफ्रेंड थे. पर उस नोट को पढ़ने के बाद अखिली को एहसास हुआ कि गौरव की जिंदगी में हार्ले डेविडसन कितनी अहमियत रखती है . गौरव उस वक्त वो बाइक खरीद सकता तो शायद दाएं-बाएं भी नहीं देखता लेकिन हार्ले की कीमत चुकाने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे.

यहीं से अखिली के प्रेम और समर्पण का अनूठा किस्सा शुरू हुआ. उन्होंने तय कर लिया कि चाहे जा हो जाए वो गौरव के इस सपने को सच करके रहेंगी और उन्होंने पैसे जमा करने शुरू कर दिए. पैसे जमा करने के दौरान उन्होंने कई बार बहुत सी ऐसी चीजों से भी कॉम्प्रोमाइज किया जिसकी उन्हें बहुत जरूरत थी. उनका सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि जिस तारीख को गौरव ने अपने नोट में लिखा है वो उस तारीख तक किसी भी हाल में गौरव को वो बाइक गिफ्ट कर दें.

अंत में जब वो दिन आया तो उन्होंने उस पूरे दिन की एक फिल्म बनायी. गौरव की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें हार्ले डेविडसन के शोरूम लाया गया. उस समय गौरव क्या महसूस कर रहे थे उसे शब्दों में बयान कर पाना मुश्क‍िल है. कुछ महीनों बाद गौरव और अखिली अपनी हार्ले डेविडसन से राजस्थान घूमने गए.

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