प्याज लहसुन क्यों नही खाना चाहिए ?
प्याज और लहसुन ना खाए जाने के पीछे पौराणिक कथा है कि समुद्र मंथन से
निकले अमृत को, मोहिनी रूप धरे विष्णु भगवान जब
देवताओं में बांट रहे थे तभी एक राक्षस को भी अमृत मिला लेकिन सूर्य व चंद्रमा ने बताया कि ये राक्षस है ! भगवान उसके सिर धड़
से अलग कर दिए ! लेकिन राहू के मुख में अमृत पहुंच
चुका था ! इसलिए उसका मुख अमर हो गया ! पर भगवान विष्णु द्वारा राहू के सिर काटे जाने पर
उनके कटे सिर से अमृत की कुछ बूंदे ज़मीन पर गिरे
जिनसे प्याज और लहसुन उपजे ! चूंकि यह दोनों
सब्ज़िया अमृत की बूंदों से उपजी हैं इसलिए यह
रोगों और रोगाणुओं को नष्ट करने में अमृत समान
होती है ! पर क्योंकि यह राक्षसों के मुख से होकर गिरी है ! इसलिए इनमें तेज़ गंध है और ये अपवित्र हैं जिन्हें कभी भी भगवान के भोग में इस्तमाल नहीं किया जाता ! कहा जाता है कि जो भी प्याज और लहसुन खाता है उनका शरीर राक्षसों के शरीर की भांति मज़बूत हो जाता है !
लेकिन साथ ही उनकी बुद्धि और सोच-विचार
राक्षसों की तरह दूषित भी हो जाते है ! मन के साथ
साथ पूरा शरीर तामसिक स्वभाव का हो जाता है !
ध्यान भजन मे मन नही लगता !