आधुनिक घरों में हर बेडरूम के साथ एक से अधिक टॉयलेट एवं वाशरूम बनाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। भवन बनाते समय ध्यान रहे, कि मुख्य द्वार के सामने या दांए-बांए टॉयलेट का दरवाजा खुलना अशुभ होता है और इससे नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है।

आजकल टॉयलेट, वाशरूम बहुत ज्यादा सजाने का फैशन चल रहा है। फेंगशुई के अनुसार टॉयलेट ज्यादा सजाने से मकान में एकत्रित सकारात्मक ऊर्जा फ्लश हो जाती है इसलिए टॉयलेट वाशरूम को ज्यादा सजाना वास्तु सम्मत नहीं है।

वाशरूम में लोग रंग-बिरंगी बाल्टियां रखते हैं लेकिन वास्तु की मानें तो नीले रंग की बाल्टी घर में शुभता और सकारात्मकता लेकर आती है। इसे हमेशा वाशरूम में साफ पानी से भरकर रखें। ऐसा करने से घर में खुशहाली बनी रहती है।

वाशरूम का दरवाजा बंद करके रखें। कभी खुला न छोड़ें। घर और वाशरूम में अलग-अलग तरह की ऊर्जाएं होती हैं जिनका संसर्ग में आना नकारात्मक प्रभाव देता है। जिससे परिवार के सदस्यों पर आए दिन कोई न कोई रोग-शोक मंडराता रहता है।

पानी का अनुचित उपयोग बहुत से वास्तु दोषों को उत्पन्न करता है। जिससे धन और तन से जुड़ी बहुत सारी परेशानियां बढ़ती हैं। घर का सारा धन धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। पानी की टंकी में दरारें, वाशरूम में गंदगी, टपकते नल आदि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने से कई परेशानियों से बचा जा सकता है।

वाशरूम में मिरर दरवाजे के ठीक सामने न लगाएं क्योंकि जब वाशरूम का दरवाजा खुलता है, तब घर की नकारात्मक उर्जा अंदर आती है। दरवाजा खुलते समय मिरर होगा तो नकारात्मकता उससे टकराकर वापिस घर में आ जाएगी।