प्रकृति भी संकेतों द्वारा मार्गदर्शन करती है………………..
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आपका कोई भी कार्य है. और आप जानना चाहते है कि वो कार्य होगा या नहीं ? या होगा तो कितने दिनों में ? इस सम्बन्ध में हमारे शास्त्र और हमारे महापुरुषों ने मानव जाति को बताया कि प्रकृति ने वो संकेत इस दुनिया में दिए है. जिससे हम यह सब बातों का उत्तर जान सकते है. इन संकेतों को पढ़ना और समझना ही है. किस संकेत का क्या अर्थ है. यह संकेत शुभ भी हो सकता है और अशुभ भी हो जाता है. आइये आज इन संकेतों के विषय में जानकारी प्राप्त करते है. और आपसे भी अनुरोध है कि इसके अतिरिक्त यदि और भी कोई संकेत आपके जीवन में घटित हुए हो और उसकी सच्चाई पर आपको विशवास हो तो कृपया मुझे मेल या कमेंट्स कर के भेज सकते है. आपका स्वागत है.
१:- आपका कार्य होगा या नहीं ? या कब तक होगा ? इस विषय में प्रकृति ने जो संकेत दिए है वो यह है कि मध्य रात्री के पश्चात गाय को आप २ बार आवाज दें. गाय आपकी पाली हुई भी हो सकती है.या फिर एनी भी हो तो कोई बात नहीं है. आपके आवाज देने पर यदि गाय रम्भावे तो निश्चय ही आपका कार्य होगा. न रम्भाने पर आपका कार्य नहीं होगा. पुनः यदि एक बार रम्भावे तो यह कार्य १ दिन, १ सप्ताह या फिर एक माह के अंदर होगा.इसी प्रकार गाय के रम्भाने की संख्या के आधार पर उत्तर प्राप्त कर सकते है. गाय को आवाज देने से पहले आप अपना प्रश्न मन में भली भांत से सोच कर रखे. एक प्रश्न से ज्यादा प्रश्न एक बार या एक रात्री में न करें दूसरे प्रश्न के लिए कोई दुसरा दिन चयन करें तो आशातीत सफलता प्राप्त होती है.
२:- आप किसी से मिलने जा रहे है तो घर से निकलते ही आपके बिलकुल सामने कि ओर से कोई महिला आपकी ओर आती हुई दिखाई दे तो निश्चित मानें कि जिससे मिलने आप जा रहें है, वह आपको नहीं मिलेगा.
३:- यदि आप किसी काम से जा रहे है तो घर से बाहर निकलते ही आपके बांयी ओर कोई पुरुष दिखाई दे तो यह सुनिश्चित मान ले कि जिस काम से आप जा रहे है वो काम नहीं होगा.
४:- किसी कार्य के लिए जाते समय घर से निकलते ही आपके दाहिनी ओर यदि कोई बालक या पुरुष दिखाई दे तो निश्चय ही आपका कार्य सफल होगा.
५:- वर्षाकाल में यदि जलते हुए दीपक के इर्द गिर्द बहुत सारे कीट पतंगे उड़ते हुए दिखाई दे तो निश्चय ही तीव्र वर्षा होने का यह प्रकृति संकेत होता है.
६:- यदि वर्षाकाल में जल के जीव बहुत उछले, कूदे तो निश्चय ही कुछ समय में तीव्र वर्षा होगी.
७:- यदि वर्श्काल में मुर्गा बार बार जल में स्नान करे तो निश्चय ही वर्षा थोड़ी देर में होती है. इसमें संदेह नहीं है.
८:- यदि शीतकाल में केंचुए जमीन के ऊपर आ जाए तो निश्चय ही जोरदार ठण्ड पड़ने वाली है.
९:- वर्षाकाल में यदि चींटियां झुण्ड के रूप में बाहर निकले तो निश्चय ही वर्षा होने वाली है.
१०:- जिस वर्ष लाल मिर्च की बम्पर फसल आवें तो निश्चय ही उस वर्ष वर्षा बहुत ज्यादा होती है.
११:- जब किसी स्थान में कुत्ता चूल्हे को अपने पंजे से खोदे तो निश्चय ही उस स्थान पर अकाल पड़ता है.
१२:- कौआ यदि रात्री के समय बार बार कांव कांव करे तो उस समय बहुत तीव्र वर्षा होने लगती है.
१३:- यदि किसी खेत में गौवे(गाय) बहुत उछले, बार बार कूदे तो निश्चय ही उस खेत में बहुत ज्यादा अनाज होता है.
१४:- घर में कांच के टूटने से किसी आफत के तलने की सुचना जाननी चाहिए, अर्थात आने वाली आफत टल गयी ऐसा जानें.
१५:- शनिवार के दिन तेल का ढुलना शुभ होता है. इससे भी किसी समस्या के दूर होने की सुचना प्राप्त होती है.
१६:- घर में पाले हुए पशुओं का बार बार रोना अशुभ है. कोई संकट आने का संकेत होता है.
१७:- जिस घर में बिल्ली २ – ३ दिन लगातार रोती है तो निश्चय ही रोग आने वाला है या अस्पताल का खर्च होगा. इसे टालने के लिए बिल्ली के ऊपर पानी का छींटा डाल दें तो अनिष्ट टल जायगा.
१८;- जिस घर के सामने आकार हाथी अपनी सूंड ऊंची करे, वंहा कुछ शुभ होता है.
१९:- जिस व्यक्ति को प्रतिदिन बिल्ली दिखाई दे तो उसका सम्बन्ध उच्च लोगो से होती है इसलिए उसे प्रतिदिन बिल्ली को दूध पिलाए तो उच्चे लोगो से उसे अत्यंत लाभ प्राप्त होगा, ध्यान रहे कि बिल्ली पालतू न हो.
२०:- जिस घर या भवन में काली चींटिया बहुत आती है तो उस जगह पर किसी शुभ कार्य की जल्दी सुचना प्राप्त होती है.