किसी शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं ये उपाय
जिस मुहूर्त में उपाय करना हो, उस दिन सुबह जल्दी उ‌‌ठें। स्नान आदि कार्यों के बाद पीले कपड़े पहनें। किसी मंदिर में जाएं या घर के मंदिर में ही श्री गणेश और लक्ष्मीजी की पूजा की तैयारी करें और पूर्व दिशा की ओर मुंह करके कुश के आसन पर बैठ जाएं। इसके बाद श्रीगणेश की प्रतिमा को हल्दी से पीले किए हुए चावल पर विराजित करें।
देवी लक्ष्मी को कुमकुम से लाल किए हुए चावल पर विराजित करें।
दोनों देवी-देवता को पंचामृत से स्नान कराएं। दूध, दही, घी, शहद और शकर से पंचामृत बनता है।
स्नान के बाद गणेशजी को चंदन, लाल फूल चढ़ाएं। देवी लक्ष्मी को भी कुमकुम और लाल फूल अर्पित करें।
गुड़ के लड्डू और दूध से बनी खीर का भोग लगाएं।
सुगंधित अगरबत्ती जलाएं। दीपक जलाएं। लक्ष्मी-गणेशजी की आरती करें।
पूजा के अंत में भगवान से गलतियों की क्षमा मांगें और मनोकामनाओं को पूरा करने की प्रार्थना करें।
इसके बाद पंचामृत व प्रसाद ग्रहण करें।
इस पूजा में गणेशजी और महालक्ष्मी के मंत्रों का जप भी करना चाहिए।