वास्तु टिप्स: ऐसा होना चाहिए बच्चों का स्टडी रूम

स्टडी रूम यदि वास्तु शास्त्र के अनुसार हो तो बच्चों का मन पढ़ाई में लगता है। स्टडी रूम में इन बातों का विशेष ध्यान रखें-

1- स्टडी रूम पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनवाना चाहिए। स्टडी रूम का रंग हल्का हरा या इससे मिलता-जुलता हो तो अच्छा है क्योंकि बुध शिक्षा का कारक ग्रह है। ज्योतिष के अनुसार बुध का रंग हरा है।

2- स्टडी रूम में टेलीफोन, टीवी, डीवीडी आदि नहीं रखें। इससे बच्चों का ध्यान भटकेगा। यदि स्टडी रूम में टॉयलेट या बाथरूम अटैच हो तो उसका दरवाजा बंद रखें या परदा टांग दें।

3- स्टडी रूम में पढऩे के लिए मेज कभी भी कोने में नहीं होनी चाहिए। मेज या टेबल हमेशा रूम के बीच में दीवार से थोड़ी हटकर होनी चाहिए। स्टडी टेबल पर पर्याप्त लाइट होनी चाहिए। लाइट पीछे से आनी चाहिए न की सामने से।

4- पढ़ाई करते समय बच्चे का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में रहना चाहिए। इससे पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहती है। स्टडी रूम में मां सरस्वती व भगवान श्रीगणेश की तस्वीर हो तो अच्छा रहता है।

5- बुक्स को हमेशा दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम दीवार के साथ आलमारी में रखनी चाहिए। पूर्व, पूर्व-उत्तर या उत्तर दिशा में बुक्स नहीं रखनी चाहिए। बुक्स कभी भी खुली या इधर-उधर नहीं रखें। इससे स्टडी रूम नेगेटिव एनर्जी फैलती है।

6- पढ़ाई की मेज पर ज्यादा बुक्स नहीं होना चाहिए। जिस सब्जेक्ट की पढ़ाई करनी हो, उसी से संबंधित बुक मेज पर रखें। पढऩे के बाद बुक को उसके स्थान पर रख दें।

7- फेंगशुई के अनुसार स्टडी टेबल पर ऐमेथिस्ट या क्रिस्टल का एज्युकेशन टॉवर रखें, जिससे जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। स्टडी टेबल के ऊपर पिरामिड भी लगा सकते हैं। इससे पिरामिड की दीवारों से ऊर्जा टकराकर पढऩे वाले के सिर पर पड़ती है, जिससे उसकी याददाश्त बढ़ती है।

8- स्टडी रूम का दरवाजा हमेशा कोने से हटकर पूर्व, उत्तर-ईशान या उत्तर दिशा में होना चाहिए।