घर का वास्तु, आफिस का वास्तु, आपकी कार का वास्तु, हर चीज में जब आप वास्तु का ध्यान रखते आएं हैं तो पर्स में वास्तु का ध्यान क्यों नहीं रखा जा सकता? जिस तरह हमारे आसपास का वातावरण हमें प्रभावित करता है। उसी प्रकार हमारा बैग या पर्स भी हमें प्रभावित करता है। सभी चाहते हैं कि उनका पर्स हमेशा पैसों से भरा रहे और फिजूल खर्च न हो। ज्यादा पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत के साथ अच्छी किस्मत भी महत्व रखती है। पर्स में पैसा रखा जाता है अत: इस संबंध में कई महत्वपूर्ण टिप्स दी गई हैं जिन्हें अपनाने पर व्यक्ति को भी धन की कमी का एहसास ही नहीं होता।

जो वस्तु नकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं उन्हें हमारे करीब से हटा देना चाहिए। इनसे हमारे सुख और कमाई पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आय बढ़ाने और फिजूल खर्चों में कमी करने के लिए पर्स का वास्तु भी ठीक करने की आवश्यकता है। कुछ लोग पर्स में ही चाबियां भी रखते हैं, चाबियां रखना अशुभ माना जाता है। किसी भी प्रकार की अपवित्र वस्तु न रखें। फिजूल वस्तुओं को तुरंत निकाल दें।

पर्स का ही वास्तु क्यों?
क्योंकि मेरे विचार में हम सबके जीवन में पर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है जैसे मासिक वेतन मिला, तो गया पर्स में अर्थात पूरे महीने की आमदनी हमने पर्स के हवाले कर दी। वस्तुओं के खरीद-फरोख्त में भी पर्स सामने आता है। किसी वस्तु को खरीदने से नुक्सान हुआ तो किसी में फायदा हुआ या कभी पर्स पॉकेटमार ने पार कर दिया तो कभी पर्स में रखे धन की बरकत खत्म हो जाती है। सुबह रुपए रखो और शाम आते ही पर्स खाली। इन्हीं बातों को ध्यान में रख कर यदि हम पर्स को वास्तु के नियमों के अनुसार रखें तो हमें पर्स के द्वारा भी बरकत मिल सकती है और धन के नुक्सान से बच सकते हैं।

पर्स में सिक्के और नोट दोनों ही अलग-अलग स्थानों पर रखने चाहिएं। पर्स में मृत व्यक्तियों के चित्र रखना भी शुभ नहीं माना जाता। पर्स में संत-महात्मा के चित्र रखे जा सकते हैं। यदि कोई संत या महात्मा देह त्याग चुके हैं तब भी उनके चित्र या फोटो पर्स में रखे जा सकते हैं क्योंकि शास्त्रों के अनुसार देह त्यागने के बाद भी संत-महात्माओं को मृत नहीं माना जाता। पर्स में धार्मिक और पवित्र वस्तुएं रखें। इनसे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जिन्हें देखकर मन प्रसन्न होता है। इन्हें भी रुपए-पैसों से अलग ही रखना शुभ है। पर्स में नोट या सिक्कों के साथ खाने की चीजें नहीं रखनी चाहिएं।

एक जमाने में तिजौरी का घर, दुकान आदि में बड़ा महत्व होता था क्योंकि वहीं एकमात्र धन को संग्रह करने का स्थान था। समय बीता और तिजौरी का स्थान धीरे-धीरे हटने लगा। कई वर्षों से पर्स का चलन बढऩे लगा है और पर्स महिलाओं के हाथ में होना एक फैशन भी बन गया है। पुरुष भी पर्स के बिना धन नहीं रखते। मेरे अनुभव में तिजौरी और पर्स में कोई विशेष अंतर नहीं रहा। दैनिक कार्यों में पर्स की महत्ता ज्यादा है, आपके पर्स का आकार, रंग, आपके पर्स में रखे हुए सामान आपके जीवन में होने वाली छोटी से छोटी घटना के सूचक होते हैं।

– पर्स में किसी भी प्रकार के बिल या भुगतान से संबंधित कागज नहीं रखने चाहिए।

– अपने पर्स में एक लाल रंग का लिफाफा रखें। इसमें आप अपनी कोई भी मनोकामना एक कागज में लिख कर रखें। वह शीघ्र पूरी होगी।

– लाल रेशमी धागे से गांठ बांध कर रखें।

– बैग में शीशा और छोटा चाकू अवश्य रखें।

– बैग में रुपए पैसे जहां रखते हों वहां कौड़ी या गोमती चक्र अवश्य रखें।

– चाबी छल्ले में डाल कर रखें। इस छल्ले में लाफिंग बुद्धा या अन्य कोई फेंगशुई का प्रतीक अच्छा रहता है।

– पर्स में किसी भी प्रकार का पिरामिड रखें।

– रात्रि में सोते समय पर्स कभी भी सिराहने न रख कर उसे हमेशा अलमारी में रखें।

– पर्स में रुपए कभी भी मोड़ कर न रखें।

– पर्स में कभी भी रुपयों के साथ कोई बिल-रसीद या टिकट न रखें। इससे विवाद बढ़ता है।

– अपने पर्स में किसी पूर्णिमा को लाल रेशमी कपड़े में चुटकी भर या 21 दाने अखंडित चावल बांध कर छुपा कर रखने से बेवजह खर्च नहीं होता है।

अपनी राशि के अनुसार रखें पर्स का रंग लाभ होगा जैसे :

– मेष, सिंह और धनु राशि वाले अपना पर्स लाल या नारंगी रंग का रखें।

– वृष, कन्या और मकर राशि वालों को भूरे रंग का पर्स तथा मटमैले रंग का पर्स लाभ पहुंचाएगा।

– मिथुन, तुला और कुंभ राशि वाले यदि नीले रंग या सफेद रंग का प्रयोग करते हैं तो धन के आगमन के रास्ते भी खुलेंगे।

– कर्क, वृश्चिक और मीन राशि को हमेशा हरा रंग और सफेद रंग का प्रयोग अपने पर्स में करना लाभदायक रहेगा।