” पूजा के बारह फूल ”
1. डरे हुए को अभयदान दो,
2. भूखे को अनाज का दान !
3. प्यासे को जल दान करो,
4. अपमानित का आदर सम्मान !!
5. विद्यादान करो अनपढ़ को,
6. विपद ग्रस्त को आश्रय दान !
7. वस्त्र हीन को वस्त्र दान दो,
8. रोगी को औषध का दान !!
9. धर्म रहित को धर्म सिखाओ,
10. शोकातुर को धीरज दान !
11. भूले को सन्मार्ग बता दो,
12. गृह-विहीन को दो गृह दान !!
करो सभी निस्वार्थ भाव से, मन में कभी न हो अभिमान !
अपने सम सबहीं को मानो, फिर किस पर किसका अहसान !!
इन बारह पुष्पों से, प्रभु का करता जो अर्चन ओर ध्यान !
हो निष्काम प्रेम-युत, उसको निश्चय मिलते है भगवान !!