श्री तुलसी जी की सेवा के लाभ

◀यद्यपि हम भगवान की शाश्वत पार्षद तुलसी जी का गुणगान पूर्णता कभी नही कर सकते। शास्त्र हमे उनकी आराधना के लाभ के थोड़े से भाग का वर्णन करते है।निचे दिया गया विवरण पद्यपुराण से लिया गया है।
◀तुलसी सभी भक्तिमय क्रियाओं की सार है।
◀तुलसी देवी की पतियाँ फूल मूल छाल शाखाएं तना एवम् छाया सभी आध्यात्मिक है।
◀जो कोई बी भक्ति के साथ तुलसी की लकड़ी का लेप भगवान श्री कृष्ण के अर्चाविग्रह को अर्पित करता है वह सदैव श्री कृष्ण के साथ निवास करता है।
◀ जो कोई भी तुलसी जी के पोधे से मिट्टी लेकर अपने शरीर पर लगाकर भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह की आराधना करता है उसे प्रतिदिन 100 दिन आराधना करने का लाभ प्राप्त होता है।
◀ जो कोई भी तुलसी मंजरी भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करता है उसे सभी प्रकार के फूल अर्पित करने का लाभ प्राप्त होता है।और वह भगवान श्रीकृष्ण के धाम वापिस जाता है।
▶जो कोई भी उस घर या बगीचे के निकट जाता है जहाँ तुलसी जी का पौधा हो वो सभी प्रकार के पापों से तक की ब्राह्मण की हत्या के पापों से भी मुक्त हो जाता है।
◀ जिस घर में बगीचे में शहर में तुलसी जी हो वहाँ भगवन श्रीकृष्ण बहुत प्रसंता के साथ निवास करते है।
◀वह घर जहाँ तुलसी जी है वह घर सब तीर्थो से भी अधिक पवित्र बन जाता है।
◀तुलसी जी की सुगंध लेने से सब शुद्ध हो जाते है।
◀भगवान श्री कृष्ण एवम् सभी देवता उस घर में रहते है जहाँ तुलसी के पोधे की जड़ की मिटटी पायी जाती है।
◀जो भी श्री कृष्ण भगवान की आराधना तुलसी जी की पतियों के साथ करते है उसे सभी यज्ञ दान एवम् तप का लाभ प्राप्त होता है । वास्तव में उसका और कोई बी कर्त्तव्य नही रह जाता और उसने सभी शास्त्रो के मर्म को समज लिया है।
◀ जो अपने मुँह और सिर पे भगवान श्री कृष्ण को अर्पित की गई तुलसी को रखता है वह भगवान श्री कृष्ण के धाम को प्राप्त करता है।
◀कलयुग में जो तुलसी के निकट भगवन श्री कृष्ण के नाम का संकीर्तन करते है वह भगवान के धाम वापिस जाता है।
◀जो भगवान श्रीकृष्ण की आराधना तुलसी जी के साथ करता है वह अपने सभी पुरखो को जनम मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिला देता है।
◀जो तुलसी देवी की महिमा का स्मरण एवम् दुसरो को उनका वर्णन बताता है वह पुनः भौतिक जगत में वापिस नही आता