मित्रों, जीवन में कितना भी धन कमा लें परन्तु फिर भी सतत लोग और ज्यादा अमीर बनने की कोशिशें करते रहते हैं । पुराने ज़माने में लोग मेहनत के साथ-साथ कुछ अनुसन्धान भी करते रहते थे, जिसे चमत्कारों की संज्ञा दे दी गयी । उस समय इन उपायों का चलन भी अधिक मात्रा में थी और इसे लगभग सभी लोग करते थे ।।
इन उपायों (टोटकों) से लोगों की किस्मत रातोंरात बदल जाती थी । ऐसा नहीं की कोई एक उपाय था, वरन इस प्रकार के चमत्कारी उपाय अलग-अलग चीजों से किए जाते थे । जैसे गोमती चक्र, कौड़ी, बिल्वपत्र, शहद, हल्दी, काली हल्दी तथा चावल से भी किए जाते थे ये चमत्कारी उपाय और आज भी किये जाते हैं ।।
मित्रों, आज मैं आपलोगों को चावल के कुछ चमत्कारी टोटके बताता हूँ । मैं आपलोगों को बताता हूँ, कि चावल से क्या करके कैसे आप अपने जीवन में अपार संपत्ति के मालिक होकर मालामाल हो सकते हैं । ये उपाय प्राचीन काल में हमारे पूर्वज भी किया करते थे । चावल को अक्षत भी कहा जाता है और अक्षत का अर्थ है अखंडित ।।
अक्षत या अखंडित अर्थात् जो टूटा हुआ न हो उसे ही अक्षत कहते हैं । शास्त्रानुसार यह पूर्णता का प्रतीक है और इसी वजह से सभी प्रकार के पूजन कर्म में भगवान को अक्षत समर्पित किया जाता है । इसके बिना अधिकाधिक पूजन पूर्ण नहीं माना जाता है । चावल चढ़ाने से भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्त को देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है ।।
मित्रों, अगर आप प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग का विधिवत पूजन करें । परन्तु एक काम पूजन में बैठने से पूर्व करें और वो ये करें कि अपने पास “एक किलो चावल” (अक्षत) लेकर बैठें । भोलेनाथ की पूजा विधिपूर्वक करें तथा पूजन समाप्त होने के बाद रखे हुये अक्षत में से एक मुट्ठी चावल लेकर शिवलिंग पर चढ़ा दें ।।
शेष चावल को मंदिर में ही दान कर दें अथवा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें । ऐसा हर सोमवार को करें और कुछ महीनों तक लगातार इस उपाय को करें । इस उपाय के सकारात्मक परिणाम कुछ ही समय में आपको देखने को स्पष्ट रूप से मिलने लगेंगे । क्योंकि ये उपाय इतना प्रभावी है, की इसका कोई जबाब नहीं ।।
मित्रों, वैसे तो हमारे ज्योतिष शास्त्र में धन संबंधी समस्याओं को दूर करने के कई सटीक एवं अत्यन्त कारगर उपाय बताए गए हैं । ये ज्योतिषीय उपाय हर प्रकार के ग्रह दोषों को दूर करके आमदनी में आ रही समस्याओं को समाप्त कर देते हैं । चलिये आपलोगों को एक और अन्य उपाय बताते हैं ।।
अब आपको करना ये है, कि किसी भी शुभ मुहूर्त अथवा होली या दिवाली के दिन या फिर किसी भी पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठें । अपने सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होकर एक लाल रंग का कोई रेशमी कपड़ा लें लें । कुछ चावल के दानों को पीले कलर से कलर कर लें और उसमें से मात्र 21 दानें अलग रखें ।।
अब उस लाल कपड़े में उस पीले चावल के 21 दानों को रखकर बाँध लें । परन्तु ध्यान रहे कि चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होने चाहियें अर्थात् कोई भी दाना टूटा हुआ नहीं होना चाहिये । लाल कपड़े में 21 पीले चावल के दाने बांधने के बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें और पूजा में चावल बंधी गठरी भी रखें ।।
पूजनोपरांत सबसे छुपाकर कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छिपाकर रख लें । ऐसा करने पर माँ महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधी मामलों में चल रही रुकावटें दूर हो जाती हैं । वैसे तो ये बात मैं अपने सभी टोटकों में बताता हूँ, कि पर्स में भूलकर भी किसी भी प्रकार की कोई अधार्मिक वस्तु ना रखें ।।
इसके अलावा अपने पर्स में कोई वजन वाली वस्तु अथवा कोई लोहे की वस्तु जैसे चाबियां वगैरह नहीं रखनी चाहिए । सिक्के और नोट अलग-अलग व्यस्थित ढंग से रखें तथा नोटों के साथ कोई बिल या कोई भी अन्य पेपर्स न रखें । किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु भी अपने पर्स में न रखें । चावल को पीला करने के लिए हल्दी का ही प्रयोग करें ।।