यदि आपके व्यापार में घाटा पड़ रहा है या आपकी अपेक्षानुसार ठीक नहीं चल रहा है तो आप किसी भी गुप्त नवरात्रि की प्रात: अपने घर के पूजा स्थान पर स्नानादि से निवृत्त होकर एक पटड़े पर लाल रेशमी कपड़ा बिछाएं । इस पर 11 गोमती चक्र और 3 लघु नारियल रखें । रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से यह मंत्र पढ़ते जाएं :

‘ऐं क्लीं श्रीं’

इसकी 11 माला करने के बाद, पोटली बांध कर अपनी दुकान या आफिस के मुख्य द्वार पर किसी ऊंचे स्थान पर टांग दें । इसके अलावा आप दक्षिणावर्ती शंख में चावल भर कर लाल वस्त्र में लपेट कर पूजा स्थान पर किसी सुयोग्य कर्मकांडी द्वारा शुद्धि करवा के इस मंत्र से अभिमंत्रित करवा के स्थापित करवा दे।

‘ओम् ऐं सर्वकार्यसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा’

आप देखेंगे कि गुप्त नवरात्रि में किए गए इस प्रयोग द्वारा आपके व्यवसाय में सुख, समृद्धि, शांति व हरित क्रांति का आगमन होने लगेगा । इसके अलावा आप स्वयं इस मंत्र का जाप धन वृद्धि हेतु वैसे तो प्रतिदिन कर सकते हैं परंतु गुप्त नवरात्रि में इसका महत्व कुछ और ही बढ़ जाता है ।

‘ओम् श्रीं श्री ययै शिव कुबेराय श्रीं ओम् नम:’