गणपति जी का बीज मंत्र ‘गं’ है। इनसे युक्त मंत्र- ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जप करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है।

1 बुद्धि का विकास करना चाहते हैं तो श्री गणेश जी के मंत्र ॐ गं गणपतये नमः का एक माला जाप करें और 11 मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।

2 बच्चे का मन पढाई में न लग रहा हो तो प्रत्येक बुधवार ॐ गं गणपतये नमः मंत्र के साथ 11 दूर्वा { हरी घास } गणेश जी को आर्पित करें।

3 व्यवसाय न चल रहा हो या घाटे पड़ रहे हो तो प्रत्येक बुधवार 11 दूर्वा ॐ गं गणपतये नमः मंत्र के साथ चढ़ावे तथा 21 लड्डू का भोग लगा कर ग्राहकों में बांटे।

4 चूहों से परेशान हैं तो एक कटोरी में जल लेकर ॐ गं गणपतये नमः मंत्र को पढकर कटोरी को रात भर जमीन पर रख दें सुबह जल पौधों में डाल दें। चूहे भाग जाएंगे।

5 अगर आपका व्यवसाय बन्द होने के कगार पर है तो 108 लड्डू 108 दूर्वा के साथ गणेश जी का अभिषेक कराएं।

इस मंत्र जाप के अतिरिक्त गणपति अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत, गणेशकवच, संतान गणपति स्त्रोत, ऋणहर्ता गणपति स्त्रोत, मयूरेश स्त्रोत, गणेश चालीसा का पाठ करने से गणेश जी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है |