कार्यसिद्धि व मुराद पूरी करने का उपाय –
श्रीगणेश की उपासना के लिए वेदों में एक ऐसा मंत्र बताया गया है, जो सुखी सांसारिक जीवन की मनोकामना व कार्यसिद्धि देकर ख्याति भी देने वाला महामंत्र माना गया है।
बुधवार या चतुर्थी की शाम के वक्त इस मंत्र का श्रीगणेश की सिंदूर, अक्षत, दूर्वा, चढ़ाकर यथाशक्ति लड्डुओं का भोग लगाकर नीचे लिखे मंत्र का ध्यान कार्यसिद्धि की कामनाओं के साथ कर धूप व दीप आरती करें –
ॐ गणानां त्वा गणपति हवामहे प्रियाणां त्वा प्रियपति हवामहे निधीनां त्वा निधिपति हवामहे वसो मम ।
इस वैदिक मंत्र के सही उच्चारण की जानकारी न होने पर किसी विद्वान ब्राह्मण से जानकर करें या करवाएं। इस मंत्र में भगवान गणेश सहित ऋद्धि-सिद्धि का स्मरण है, जो जीवन में अपार सुख-समृद्धि लाती है।