वृष राशि वालों की समस्या
वृष राशि के लिये शुक्र,गुरु और मंगल समस्या देने का कारक होता है.शुक्र शरीर और रोजाना के काम काज करने की समस्या देता है,गुरु अपमान म्रुत्यु और जानजोखिम के काम देता है,मन्गल दिमाग को भारी करने और मिजाज को चिढचिढा बनाने और तुरत गुस्सा होने की आदत को देता है
वैसे तो वृष राशि वालों को गुस्सा आती नही है और आती है तो वे भयंकर रूप धारण कर लेते है.मंगल वाली वस्तुयें मंगल से सम्बन्धित लोग उनके लिये खतरनाक होते है उन्हे किसी प्रकार से भाई और पति या पत्नी के लिये सुनना पसंद नही होता है,अगर इनके बारे मे कोई कुछ कहता है तो उनके लिये सहन करना भारी होता है,इनका जीवन शुक्र के आधीन होता है,शुक्र ही इन्हे बरबाद करता है और शुक्र ही इन्हे जीवन प्रदान करता है,यह लोग पैसे के लिये पैदा होते है और भौतिक सुखों को भोगने के बाद चले जाते है,बिना सहायक के यह काम नही करपाते है इनके लिये भाई या पति अथवा पत्नी की सहायता बहुत जरूरी होती है,अक्सर भाई या पति पत्नी के हितों के लिये यह अपने को कुर्बान भी कर सकते है। शुक्र की पहिचान इनके लिये स्त्री और स्त्री सम्बन्धी कारणों के प्रति पहचानी जाती है
यह अपने से हित से बोलने वालों के लिये जान तक देने के लिये तैयार हो जाते है और बोलने के प्रति यह डाट डपट तभी तक सुनते है जब तक कि यह किसी प्रकार से दबे होते है,जैसे ही यह फ़्री होते है फ़ौरन अपना प्रभाव दिखाना शुरु कर देते है,इनको शुक्र सम्बन्धी समस्या जैसे घर की किसी स्त्री से मनमुटाव या घर की साज सज्जा में अरुचि खाना बनाने या खाने के प्रति अरुचि मे इन्हे शुक्र से सम्बन्धित भोजन जैसे दही के बने व्यंजन छाछ और छाछ से बने व्यंजन खिलाने चाहिये,घर के उत्तर मे रंग बिरंगे फ़ूलों वाले पौधे लगाने चाहिये,इन्हे तुलसी का पौधा बहुत प्रिय होता है जिन घरों में तुलसी के पौधे होते है वे घर धन और सम्पत्ति से भरे रहते है,इन्हे तुलसी की आराधना और पूजा पाठ करना चाहिये,तुलसी की आराधना के लिये यह सूक्त काफ़ी लाभकारी है:-