एक बार एक लड़के ने एक सांप पाला , वो सांप से बहुत प्यार करता था उसके साथ ही घर में रहता .. एक बार वो सांप बीमार जैसा हो गया उसने खाना खाना भी छोड़ दिया था , यहाँ तक कई दिनों तक उसने कुछ नहीं खाया तो वो लड़का परेशान हुआ और उसे वेटरिनरी डॉ के यहाँ ले के गया …. डॉ ने सांप का चैक अप किया और उस लड़के से पूछा ” क्या ये सांप आपके साथ ही सोता है ?” उस लड़के ने बोला हाँ …. डॉ ने बोला आपसे बहुत सट के सोता है लड़का बोला हाँ ………… डॉ ने पूछा क्या रात को ये सांप अपनी पूरी बॉडी को स्ट्रेच करता है …?
ये सुन कर लड़का चौंका उसने कहा हाँ डॉ .. ये रात को अपनी बॉडी को बहुत बुरी तरह स्ट्रेच करता है और मुझसे इसकी इतनी बुरी हालत देखी नहीं जाती ,, और मैं किसी भी तरह से इसका दुःख दूर नहीं कर पाता ……..
डॉ ने कहा …. इस सांप को कोई बीमारी नहीं है … और ये जो रात को तुम्हारे बिल्कुल बगल में लेट कर अपनी बॉडी को स्ट्रेच करता है वो दरअसल तुम्हें निगलने के लिए अपने शरीर को तुम्हारे बराबर लम्बा करने की कोशिश करता है …. वो लगातार ये परख रहा है कि तुम्हारे पूरे शरीर को वो ठीक से निगल पायेगा या नहीं और निगल लिया तो पचा पायेगा या नहीं ………….
इसलिए इस घटना से हमें ये शिक्षा मिलती है कि जो आपके साथ हर वक्त रहते हैं …. जिनके साथ आप खाते पीते उठते बैठते सोते हैं …… जरुरी नहीं कि वो भी आपको उतना ही प्यार करते हो जितना आप उन्हें प्यार करते हैं …… हो सकता है वो आपको निगलने के लिए अपना आकार धीरे-धीरे बढ़ा रहा हो ….. …………..
इसलिए सावधान हो जाइए …..ऐसा ही कुछ उनलोगों के साथ घटित होता है जो शमशान सीधीयां और निकृष्ट शक्तियों के चक्कर में अपनी आत्मासाधना से बलवती होकर आपका ही अहित करती हैं और अपनी आत्मा को सदा के लिय उन्हें सौंप देते हैं यक्षिनियाँ ,प्रेत ,वेताल ,अप्सरा ये सारी इसी सांप की भांति साधक को खाने का सबब बनती रहतीहैं ,और आप समझते हैं की ये मेरे काम बनने लगे है
और आपकद्वारा की गयी साधनाओं से बलवती होकर आपका ही अहित करती हैं