1. विषमता का सबसे बुरा रूप है विषम चीजों को एक सामान बनाना।” ~ अरस्तु
    The worst form of inequality is to try to make unequal things equal.
2. क्षिक्षा की जड़ें तो कड़वी हैं लेकिन फल मीठा होता है।” ~ अरस्तु
    The roots of education are bitter, but the fruit is sweet.
3. बिना साहस के आप इस दुनिया में कुछ भी नहीं करेंगे, प्रतिष्ठा के बाद साहस ही दिमाग की महानतम     विशेषता है।”~ अरस्तु
   You will never do anything in this world without courage. It is the greatest quality of the     mind next to honour.
4. मैं उस व्यक्ति को ज्यादा शूरवीर मानता हूँ जो अपने दुश्मनों पर नहीं बल्कि अपनी इच्छाओं पर विजय प्राप्त कर लेता है; क्यूंकि स्वयं पर विजय ही सबसे कठिन विजय होती है।
    I count him braver who overcomes his desires than him who conquers his enemies; for the hardest victory is over self.
5. आदर्श व्यक्ति वही हैं जो परिस्थितियों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर जीवन की दुर्घटनाओं को मर्यादा और ईश्वर की कृपा समझ कर स्वीकार कर लेता है।
    The ideal man bears the accidents of life with dignity and grace, making the best of     circumstances.
6. मनुष्य के सभी कार्य इन सात कारणों में से किसी एक या अधिक वजहों से प्रेरित होते हैं: मौका, स्वभाव, मजबूरी या आवश्यकता, आदत, वजह, जुनून तथा प्रबल इच्छा।
   All human actions have one or more of these seven causes: chance, nature, compulsions,    habit, reason, passion, desire.
7. उत्कृष्टता वो कला है जो प्रशिक्षण और आदत से जीती जाती है। हम इस लिए सही कार्य नहीं करते कि हमारे अन्दर अच्छाईयाँ या उत्कृष्टता है, बल्कि इसलिए क्योंकि हमने सही कर्म किये हैं। हम वही हैं जो हम बार बार करते हैं, इसलिए उत्कृष्टता कोई कर्म नहीं बल्कि एक आदत है।
   Excellence is an art won by training and habituation. We do not act rightly because we have virtue or excellence, but we rather have those because we have acted rightly. We are what we repeatedly do. Excellence, then, is not an act but a habit.
8. स्वयं का ज्ञान ही हर बुद्धिमानी/ज्ञान की शुरुआत है।
   Knowing yourself is the beginning of all wisdom.
9. प्रसन्नता स्वयं के ऊपर निर्भर होती है।
  Happiness depends upon ourselves.
 10. प्रसन्नता ही जीवन का अर्थ और मकसद होता है, जीवन का सम्पूर्ण लक्ष्य और मानव अस्तित्व।
    Happiness is the meaning and the purpose of life, the whole aim and end of human existence.
 11. कोई भी क्रोधित हो सकता है – यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस कि बात नहीं है और यह आसान नहीं है।
  Anybody can become angry — that is easy, but to be angry with the right person and to the right degree and at the right time and for the right purpose, and in the right way — that is not within everybody’s power and is not easy.”
12. जो व्यक्ति सबका मित्र है वो किसी का भी मित्र नहीं है।
   A friend to all is a friend to none.
13. धैर्य कड़वा होता है लेकिन इसका फल मीठा होता है।
  Patience is bitter, but its fruit is sweet.
14. शिक्षित और अशिक्षित में उतना ही अंतर होता है जितना की जीवित और मृत में होता है।
    The educated differ from the uneducated as much as the living differ from the dead.
  15.  जिसने अपने भय पर विजय प्राप्त कर ली है वो स्वतन्त्र हो जायेगा।
    He who has overcome his fears will truly be free.
  16. जो जानते हैं वो करते। जो समझते हैं वो पठाते हैं
      Those who know, do. Those that understand, teach.
  17. जो व्यक्ति एकांत में प्रसन्न है वो या तो जंगली जानवर है या फिर भगवान।
       Whosoever is delighted in solitude, is either a wild beast or a god.
 18. 40 दुश्मनों की दवा है एक मित्र।”
   The antidote for fifty enemies is one friend.
 19. गरीबी क्रांति और अपराध की जनक है।
  Poverty is the parent of revolution and crime.
20. नौकरी या काम-काज में आनंद, काम में उत्कृष्ठता लाती है।
  Pleasure in the job puts perfection in the work.
21. सीखना बच्चों का खेल नहीं है; बिना दर्द के हम सीख नहीं सकते।
  Learning is not child’s play; we cannot learn without pain.