मुलांक 3

इस अंक के व्यक्तियों को स्नायु-संस्थान निर्बल होने से हड्डियों में दर्द और थकान की शिकायत रहेगी। चर्म रोग की भी संभावना है।

व्यायाम:
इन व्यक्तियों को शीर्षासन, धनुरासन एवं सूर्य नमस्कार इत्यादि योगासनों का अभ्यास करना चाहिए। यदि योगासनों से अथवा वैसे ही अधिक थकान महसूस करे तो शवासन भी करें। यदि आप शवासन या उसी प्रकार के अन्य योगासनों आदि की सही प्रक्रिया जान लेंगे तो आपको थकान की शिकायत से सदा के लिए छुटकारा प्राप्त हो जाएगा।

व्रत:
आपको पूर्णिमा का व्रत करना चाहिए। यदि बीमार हो तो गुरुवार को भोजन न करें।

उपासना:
आपको श्री विष्णु की उपासना करना चाहिए। विष्णुसहस्रनाम स्तोत्र का जप करें तथा श्रीसत्यनारायण जी की कथा करें या करावें।

जड़ी-बूटी व खाद्य पदार्थः चुकंदर, चैरी बेर, स्ट्राबेरी, सेब, शहतूत, नाशपाती, जैतून, अनार, अनानास, अंगूर, केसर, लौंग, बादाम, अंजीर व गेहूं इत्यादि पदार्थ आपको अनुकूल रहेंगे।

अनुकूल रंग:
आपको पीला रंग सर्वथा अनुकूल है। रत्न व धातु: पुखराज आपके लिएसर्वश्रेष्ठ रत्न है। धातु स्वर्ण है। सवर्ण मुद्रिका में पुखराज जड़वाकर तर्जनी उंगली में पहनें। महत्वपूर्ण: 12, 21, 39, 48 तथा 57वें वर्ण स्वास्थ्य में परिवर्तन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगे।
दिसंबर, फरवरी, जून तथा सितंबर में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधान रहना चाहिए तथा अधिक परिश्रम से बचना चाहिए|