बंधी दूकान कैसे खोलें?

कभी-कभी देखने में आता है कि खूब चलती हुईदूकान भी एकदम से ठप्प हो जाती है ।
जहाँ पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ती थी, वहाँ सन्नाटा पसरने लगता है । यदि किसी चलती हुई दुकान को कोई तांत्रिक बाँध दे, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, अतः इससे बचने के लिए निम्नलिखित प्रयोग करने चाहिए
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▶१ दुकान में लोबान की धूप लगानी चाहिए ।

▶२ शनिवार के दिन दुकान के मुख्य द्वार परबेदाग नींबू एवं सात हरी मिर्चें लटकानी चाहिए ।

▶३ नागदमन के पौधे की जड़ लाकर इसे दुकान केबाहर लगा देना चाहिए । इससे बँधी हुई दुकान खुल जाती है ।

▶४ दुकान के गल्ले में शुभ-मुहूर्त में श्री-फललाल वस्त्र में लपेटकर रख देना चाहिए ।

▶५ प्रतिदिन संध्या के समय दुकान में मातालक्ष्मी के सामनेशुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए ।

▶६ दुकान अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की दीवारपर शूकर-दंत इस प्रकार लगाना चाहिए कि वह दिखाई देता रहे ।

▶७ व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा दुकान को नजर सेबचाने के लिए काले-घोड़े की नाल को मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर ठोकना चाहिए ।

▶८ दुकान में मोरपंख की झाडू लेकर निम्नलिखितमंत्रके द्वारा सभी दिशाओंमेंझाड़ू को घुमाकर वस्तुओं को साफ करना चाहिए । मंत्रः-“ॐह्रीं ह्रींक्रीं”

▶९ शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के सम्मुखमोगरे अथवा चमेली के पुष्प अर्पित करने चाहिए ।

▶१० यदि आपके व्यावसायिक प्रतिष्ठान में चूहेआदि जानवरों के बिल हों, तोउन्हें बंद करवाकर बुधवार के दिन गणपति को प्रसाद चढ़ाना चाहिए ।

▶११ सोमवार के दिन अशोक वृक्ष के अखंडित पत्ते लाकर स्वच्छ जल से धोकरदुकानअथवा व्यापारिक प्रतिष्ठान के मुख्यद्वार पर टांगना चाहिए । सूती धागे कोपीसी हल्दी में रंगकर उसमें अशोक के पत्तों को बाँधकर लटकाना चाहिए ।

▶१२ यदि आपको यह शंका हो कि किसी व्यक्ति नेआपके व्यवसाय कोबाँध दिया हैयाउसकी नजर आपकी दुकान को लग गई है, तो उस व्यक्तिका नाम काली स्याही सेभोज-पत्रपर लिखकर पीपल वृक्ष के पास भूमि खोदकर दबा देना चाहिए तथा इसप्रयोग को करते समयकिसी अन्य व्यक्तिको नहीं बताना चाहिए । यदि पीपलवृक्षनिर्जनस्थान में हो, तो अधिक अनुकूलता रहेगी ।

▶१३ कच्चा सूत लेकर उसे शुद्ध केसर में रंगकरअपनी दुकान पर बाँध देना चाहिए ।

▶१४ हुदहुद पक्षी की कलंगी रविवार के दिनप्रातःकाल दुकान पर लाकर रखने से व्यवसाय को लगी नजर समाप्त होती है और व्यवसाय में उत्तरोत्तर वृद्धिहोतीहै ।

▶१५ कभी अचानक ही व्यवसाय में स्थिरता आ गई हो, तो निम्नलिखित मंत्र का प्रतिदिन ग्यारह माला जप करने से व्यवसाय में अपेक्षा केअनुरुपवृद्धि होती है । मंत्रः-“ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नमो भगवती माहेश्वरीअन्नपूर्णा स्वाहा ।”

▶१६ यदि कोई शत्रु आपसी जलन या द्वेष, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण आप पर तंत्र-मंत्र का कोई प्रयोग करके आपके व्यवसायमें बाधा डाल रहा हो, तो ईसे में नीचे लिखे सरल शाबर मंत्र का प्रयोग कर केआप अपनी तथा अपने व्यवसाय की रक्षा कर सकते हैं । सर्वप्रथम इस मंत्र की दसमाला जपकर हवन करें ।
मंत्र सिद्ध हो जाने पर रविवार या मंगलवार की रात इसका प्रयोग करें ।

🌺मंत्रः-“उलटतवेदपलटत काया, जाओ बच्चा तुम्हें गुरु ने बुलाया, सत नाम आदेश गुरु का ।”

रविवार या मंगलवार की रात को11 बजे के बाद घर से निकलकर चौराहे की ओर जाएँ, अपने साथ थोड़ी-सी शराब लेते जाएँ ।

मार्ग में सात कंकड़ उठाते जाएँ ।चौराहे पर पहुँचकर एक कंकड़ पूर्व दिशा की ओर फेंकते हुए उपर्युक्त मंत्रपढ़ें, फिर एक दक्षिण, फिर क्रमशः पश्चिम, उत्तर, ऊपर, नीचे तथा सातवीं कंकड़ चौराहे केबीच रखकर उस शराब चढ़ा दें । यह सब करते समय निरन्तर उक्तमन्त्र का उच्चारण करते रहें । फिर पीछे पलट कर सीधे बिना किसी से बोले और बिनापीछे मुड़कर देखेअपने घर वापस आ जाएँ ।घर पर पहले से द्वार के बाहर पानी रखे रहें । उसी पानी से हाथ-पैर धोकर कुछ जल अपने ऊपर छिड़क कर, तबअन्दर जाएँ ।

🌺एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि आते-जाते समय आपके घर काकोई सदस्य आपके सामने न पड़े और चौराहेसे लौटते समय यदि आपको कोई बुलाए या कोई आवाज सुनाई दे, तब भी मुड़कर नदेखें ।

▶१७ यदि आपके लाखप्रयत्नों के उपरान्त भी आपके सामान की बिक्री निरन्तर घटती जा रहीहो, तोबिक्री में वृद्धि हेतु किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के गुरुवार के दिन से निम्नलिखित क्रिया प्रारम्भ करनी चाहिए -व्यापार स्थल अथवा दुकान केमुख्य द्वार के एक कोने को गंगाजल सेधोकर स्वच्छ कर लें । इसके उपरान्त हल्दी से स्वस्तिक बनाकर उस पर चने की दाल और गुड़ थोड़ी मात्रा मेंरख दें। इसके बाद आप उस स्वस्तिक को बार-बारनहीं देखें ।

इस प्रकार प्रत्येक गुरुवार को यह क्रिया सम्पन्न करने से बिक्री में अवश्य ही वृद्धिहोती है ।

इस प्रक्रिया को कम-से-कम11 गुरुवार तक अवश्य करें ।