आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा, जिसकी जिंदगी में किसी तरह की परेशानी न हो। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी बातें, जिसको ध्यान में रखने पर मुसीबतें आपसे दूर भागेंगी। इतना ही नहीं, आपके घर में खुशियों के साथ-साथ बरकत भी आएगी और घर का हर शख्स हैपी रहेगा।

कलह से बचने के लिए घर में किसी देवी-देवता की एक से ज्यादा मूर्ति या तस्वीर न रखें। किसी भी देवता की दो तस्वीरें ऐसे न लगाएं कि उनका मुंह आमने-सामने हो। देवी-देवताओं की तस्वीर कभी नैऋत्य कोण में न लगाएं, वरना कोर्ट-कचहरी के मामलों में फंसने की पूरी संभावना रहती है।

पढ़ाई के वक्त बच्चों का मुंह पूरब दिशा की ओर ही होना चाहिए। इससे एकाग्रता बनी रहती है।

घर में फर्श, दीवार या छत पर दरार न पड़ने दें। अगर ऐसा हो तो उन्हें तुरंत भरवा दें। घर में दरारों का होना अशुभ माना जाता है।

घर में आप जहां टेलिफोन रखते हैं, उसके पास कभी पानी का ग्लास या चाय का कप न रखें। अन्यथा फोन ठीक से काम नहीं करेगा और उसमें कुछ न कुछ गड़बड़ होती रहेगी।

घर में महाभारत, युद्ध, उल्लू आदि की तस्वीर न लगाएं। सजावट के लिए केवल शांत और सौम्य तस्वीरें ही घर में लगाएं।

अविवाहित कन्याओं के कमरे में सफेद चांद की तस्वीर जरूर लगाएं।

खाने की थाली को कभी भी एक हाथ से न पकड़ें। ऐसा करने से खाना प्रेत योनि में चला जाता है। थाली को हमेशा आदरपूर्वक दोनों हाथ लगाकर ही टेबल तक लाएं।

अगर आप जमीन पर बैठकर खाते हैं तो थाली को सीधे जमीन पर न रखकर किसी चौकी या आसन पर रखकर ही भोजन ग्रहण करें।

सोते समय गृहस्वामी का सिर सदैव दक्षिण की तरफ ही होना चाहिए। इससे आयु बढ़ती है और गृह स्वामी का पूर्ण प्रभुत्व घर पर बना रहता है। यदि प्रवास पर हों तो पश्चिम की ओर सिर करके ही सोएं, जिससे जितनी जल्दी हो सके अपने घर वापस आ सकें।

घर में सीढ़ियों को पूर्व से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण की ओर ही बनवाएं। कभी भी उत्तर-पूर्व में सीढ़ियां न बनवाएं। सीढ़ियों की संख्या हमेशा विषम ही होनी चाहिए। जैसे- 17, 19, 21 आदि। यदि घर में सीढ़ियों के निर्माण में कोई दोष रह गया हो तो मिट्टी की कटोरी से ढक कर उस स्थान पर जमीन के नीचे दबा दें। ऐसा करने से सीढ़ियों का वास्तु दोष दूर होता है।

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