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कई बार ऐसा होता होगा कि पैसा आता है, लेकिन कब खर्च हो जाता है पता नहीं चलता। कभी-कभी लंबे समय तक आर्थिक तंगी बनी रहती है। नौकरी या बिजनेस में कुछ ऐसा हो जाता है, जिसकी वजह से वित्तीय संकट झेलना पड़ता है। भौतिक दृष्ट‍ि से इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ज्योति कहता है कि ऐसा अक्सर उन लोगों के साथ होता है, जिनका चंद्रमा कमजोर होता है।
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यदि आपका चंद्रमा कमजोर है तो आपको अपने आर्थिक क्षेत्र में काफी सावधान रहने की जरूरत है। आप सट्टेबाजी, लाटरी व जुआॅ आदि से बचें। अचानक धन प्राप्ति के चक्कर में आपको सिर्फ हानि ही उठानी ही पड़ेगी। आप धारे-धीरे करके ही धन जोड़े तो लाभप्रद रहेगा। जब भी चंद्रमा कृतिका, उत्तराफाल्गुनी, अश्लेषा, ज्येष्ठा, उत्तराअषाढ़ तथा रेवती नक्षत्र में गोचर करेगा या वृश्चिक राशि व सिंह राशि में भ्रमण करेगा तब आपको आर्थिक समस्यायें आयेंगी। खासकर दिसम्बर, जनवरी, फरवरी व जून मास में ज्यादा अर्थ से सम्बन्धित दिक्कतें होगी। इन महीनों में कमजोर चंद्रमा वाले जाताकों को धन के प्रति विशेष सावधानी बरतनें की आवश्यकता होती है।

आपका चंद्रमा मजबूत है या कमजोर आपको स्वंय पता चल जायेगा कि आपकी लाइफ पर चंद्रमा सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है या नकारात्मक।

जन्म की तारीख से

यदि आपका जन्म कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तथा चतुर्दशी को हुआ है तो आपका चन्द्र वृद्धा अवस्था में है और अमावस्या को जन्म होने पर मृत अवस्था में रहेगा। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को जन्म होने से चंद्रमा बाल अवस्था में होता है। यानि आपका चंद्रमा कमजोर है और इसके नकारात्मक प्रभाव आपके जवीन पर पड़ते हैं।

शुक्लपक्ष की एकादशी से कृष्णपक्ष की पंचमी तक चंद्रमा पूर्ण बली होता है। यानि इस दौरान पैदा होने वाले लोगों का चंद्रमा मजबूत होता है। अगर आपका जन्म कृष्णपक्ष की षष्ठी से कृष्णपक्ष की द्वदशी के बीच हुआ है तो आपका चंद्रमा मध्यम होगा। यानि न ज्यादा कमजोर न ज्यादा बलवान।
कुंडली में हैं ऐसे योग, तो कमजोर है चंद्रमा

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यदि आपकी जन्म कुण्डली में चंद्रमा 2, 4, 5, 8, 9 एंव 12 वें भाव में है तो इसका मतलब चंद्रमा कमजोर है।

और ये अशुभ फल का अनुभव कराता है। यदि चंद्रमा कृतिका, उत्तराफाल्गुनी, अश्लेषा, ज्येष्ठा, उत्तराअषाढ़ तथा रेवती नक्षत्र में है तो अशुभ फल देगा।

यदि चंद्रमा के साथ बैठा राहु ग्रहण योग बना रहा है तो भी चंद्रमा अशुभ फल ही देगा। चंद्रमा शुभ व पापी दोनों होता है।

कुंडली में हैं ऐसे योग, तो बलवान है चंद्रमा

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यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा 1, 3, 6, 7, 10 एंव 11 वें भाव में है तो इसका मतलब चंद्रमा बलवान है।

उसकी सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव आपके जीवन पर पड़ रहा

है। इसकी स्वराशि कर्क है। यह वृष राशि में उच्च का होता है एंव वृश्चिक राशि में होने पर नीच का हो जाता है।

अगर शुभ भावों में बैठा है तो जवन में कई सारे शुभ फल देता है।

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