रत्न ही नहीं ये चीज भी चमका सकती है आपकी किस्मत

ज्योतिष में रत्नों के अलावा एक और वस्तु का विधान किया गया है जिसे धारण करने से रत्नों के समान ही फल मिलता है। इसके लिए संबंधित ग्रह के मित्र पेड़ की जड़ को धारण किया जाता है।

सूर्य

अगर आपकी कुंडली में सूर्य का अशुभ प्रभाव है तो ज्योतिष के अनुसार आप बिल्व पत्र की जड़ धारण कीजिए। इसे लाल या गुलाबी रंग के धागे में रविवार को धारण करना चाहिए। रविवार सूर्य का दिन है और लाल रंग सूर्य की किरणों का प्रतिनिधि।

चंद्रमा

अगर चंद्रमा अशुभ प्रभाव दे रहा है, बात-बात पर क्रोध आता है, मन उदास रहता है तो सोमवार को आक की जड़ सफेद धागे में धारण कीजिए। आक की जड़ न मिले तो धतूरे की जड़ भी कारगर सिद्ध होती है। धारण करने से पहले ये भगवान शिव को अर्पित कीजिए।

मंगल

मंगल के अशुभ प्रभाव से जातक के जीवन में दुर्घटनाएं, बनते काम बिगड़ने और बाधाएं आती हैं। इस प्रभाव के निवारण व शुभत्व की वृद्धि के लिए खेजड़ी की जड़ को लाल धागे या वस्त्र के साथ धारण करना चाहिए।

बुध

बुध के अशुभ प्रभाव के निवारण के लिए बुधवार को भगवान गणपति को दूर्वा चढ़ाएं और शाम को इन्हें पर्स में रख लें। पर्स में रखने से पूर्व इन्हें हरे वस्त्र के टुकड़े में लपेट लें। हर बुधवार को नई दूर्वा रखें और उपयोग में ली गई दूर्वा प्रवाहित कर दें

गुरु

अगर गुरु का अशुभ प्रभाव हो, पढ़ाई में बाधाएं आती हों, अध्ययन में मन न लगे या काफी मेहनत के बाद भी परीक्षा का परिणाम अनुकूल न मिले तो केले की जड़ पीले रंग के वस्त्र में बांधकर गुरुवार को धारण करनी चाहिए। इससे स्थितियां अनुकूल होने लगती हैं।

शुक्र

अगर शुक्र ग्रह अशुभ फल दे रहा है तो वैवाहिक जीवन में कई समस्याएं आने लगती हैं। इससे विवाह योग्य जातकों की शादी में देर, सगाई टूटना जैसी घटनाएं होने लगती हैं। इनके निवारण के लिए शुक्रवार को भगवान विष्णु की पूजा के बाद वटवृक्ष की जड़ को सफेद धागे के साथ धारण कीजिए।

शनि

शनि देव के अशुभ प्रभाव के निवारण के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इसके लिए रत्न के बजाय बबूल की जड़ नीले धागे में धारण करनी चाहिए। इससे शनि देव शुभ प्रभाव देने लगते हैं।

राहु

अगर राहु का अशुभ प्रभाव जीवन में कई बाधाएं ला रहा है तो बुधवार को सफेद चंदन का टुकड़ा नीले या सफेद धागे के साथ धारण करना चाहिए।

केतु

केतु के अशुभ प्रभाव के निवारण और जीवन में शुभ प्रभाव की वृद्धि के लिए गुरुवार को अश्वगंधा की जड़ को नीले धागे में धारण कीजिए। इससे केतु के दोष का निवारण हो जाता है और जीवन में खुशियां लौट आती हैं।

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