कुंडली में चंद्र ग्रहण दोष निवारण सिद्ध विधि

हमारे ज्योतिष शास्त्रों ने चंद्रमा को चौथे घर का कारक माना है ! यह कर्क राशी का स्वामी है !
चन्द्र ग्रह से वाहन का सुख सम्पति का सुख विशेष रूप से माता और दादी का सुख और घर का रूपया पैसा और मकान आदि सुख देखा जाता है !
चंद्रमा दुसरे भाव में शुभ फल देता है और अष्टम भाव में अशुभ फल देता है ! चन्द्र ग्रह वृषव राशी में उच्च और वृश्चक राशी में नीच का होता है !
जन्म कुंडली में यदि चन्द्र राहू या केतु के साथ आ जाये तो वे शुभ फल नहीं देता !

ज्योतिष ने इसे चन्द्र ग्रहण माना है,
यदि जन्म कुंडली में ऐसा योग हो तो चंद्रमा से सम्बंधित सभी फल नष्ट हो जाते है माता को कष्ट मिलता है घर में शांति का वातावरण नहीं रहता जमीन और मकान सम्बन्धी समस्या आती है !
चन्द्र ग्रहण का एक आसान उपाय इसे ग्रहण काल के मध्य में करे !

|| उपाय ||

अगर कुंडली मे चंद्रमा राहु के साथ है तो 1 किलो जौ दूध में धोकर और एक सुखा नारियल चलते पानी में बहायें और 1 किलो चावल मंदिर में चढ़ा दे !
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और यदि चन्द्र केतु के साथ है तो चूना पत्थर ले उसे एक भूरे कपडे में बांध कर पानी में बहा दे और एक लाल तिकोना झंडा किसी मंदिर में चढ़ादे ! साल मे 1 बार करें जिससे इसका निवारण हों **
*******ॐ नम: शिवाय ****************
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